बाबा वासुकीनाथ

झारखंड राज्य के दुमका जिले में स्थित बाबा वासुकीनाथ एक जाना—माना तीर्थस्थल है। यह हिंदुओं के पवित्र स्थानों में से एक है। यहां हर साल जुलाई एवं अगस्त महीने के बीच लगने वाले श्रावण मेले में देश एवं विदेश के हर हिस्से से बड़ी संख्या में श्रद्धालू आते हैं।

यहां के देवता को गंगा का पवित्र जल सुल्तानगंज से लाकर चढ़ाया जाता है। केसरया रंग का वस्त्र पहने श्रद्धालू सड़क पर लेट कर प्रार्थना करते हैं। बाबा वैद्यनाथ धाम और बाबा बासुकीनाथ हिंदुस्तान का पहिला ऐसा तीर्थ स्थल है, जहा पर श्रधालु (बम) १०८ किलो मीटर की लम्बी यात्रा पूरा करके सुल्तानगंज के गंगा जल का अभिशेख करते है. श्रद्धालू पहिले देवघर के बाबा वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जाते हैं, तत्पश्चात वह से परस्थान करते हुए बाबा बासुकीनाथ को जाते है. विवाह पंचमी या राम जानकी विवाह उत्सव यहां का एक और त्योहार है, जो साल के अंत में मनाया जाता है।

इस त्योहार की शुरुआत बाबा वासुकीनाथ ने की थी और यह अभी तक जारी है। पालकी उत्सव भी इसी उत्सव का एक हिस्सा है। यहां बड़ी तादाद में लोग भगवान शिव की पूजा के लिए आते हैं। दुमका-देवघर हाइवे पर स्थित यह धार्मिक स्थल जसीडीह-दुमका रेलवे लाइन के पास है। यहां का सबसे नजदीकी भारतीय रेलवे स्टेशन वासुकीनाथ और जामतारा में है। अगर आप हवाई मार्ग से जाना चाहते हैं, तो कोलकाता, रांची और पटना एयरपोर्ट सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है।